प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कमी, हाईवे पर लोगों ने पीएम को रोका, जानिए पूरा किस्सा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर में एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी के चलते और अपने आपको असुरक्षित पाकर इसे रद्द कर दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कमी, हाईवे पर लोगों ने पीएम को रोका, जानिए पूरा किस्सा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर में एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी के चलते और अपने आपको असुरक्षित पाकर इसे रद्द कर दिया गया। गृह मंत्रालय के अनुसार पंजाब के हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से करीब 30 किलोमीटर दूर जब प्रधानमंत्री का काफिला फ्लाईओवर पर पहुंचा तो पाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। करीब 15-20 मिनट तक प्रधानमंत्री फ्लाईओवर पर फंसे रहे।

प्रधानमंत्री मोदी जी को हाईवे पर रोके जाने की तस्वीर:

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इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि पंजाब की सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम के बारे में पहले ही पूरी जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद भी प्रदेश की सरकार की ओर से सुरक्षा की कोई तैयारी नहीं की गई। इसी सुरक्षा में कमी के बाद प्रधानमंत्री ने वापस बठिंडा हवाई अड्डे जाने का फैसला किया।

भारतीय किसान यूनियन के नेता सुरजीत सिंह फूल ने कहा किसान प्रधानमंत्री के आने पर रोष जता रहे थे। बुधवार सुबह किसान फिरोजपुर के पास फिरोजशाह में इकट्ठा हुए और 11 बजे के बाद फिरोजपुर की ओर कूच करने लगे। रास्ते में पुलिस मुलाजिम तैनात थे, जिन्होंने किसानों को आगे जाने से रोका। करीब सवा 12 बजे उनको एसएसपी फिरोजपुर ने बताया कि रास्ता साफ कर दो पीएम काफिला रोड से आ रहा है।

फूल ने कहा कि सड़क पर वाहन गुजर रहे थे, प्रधानमंत्री का रूट होता तो सड़क दोनों तरफ से खाली होती। किसानों ने सोचा कि भाजपा की गाड़ियां निकालने के लिए उनसे झूठ बोला जा रहा है, जिसके बाद वे प्यारेआना फ्लाईओवर पर ही धरने पर बैठ गए। हालांकि किसान पहले केवल डीसी ऑफिस तक जाने वाले थे। फूल ने कहा उनको मालूम नहीं था कि सड़क पर वाहनों के पीछे प्रधानमंत्री का काफिला है।

बठिंडा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी:

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एसएसपी फिरोजपुर हरमनदीप सिंह हांस ने कहा कि बुधवार को वे पीएम के काफिले के साथ बठिंडा से निकले थे। वे रूट के साथ थे, जहां कि किसान नेता बात कर रहा है, वहां उनकी ड्यूटी ही नहीं थी। किसान नेता की बयानबाजी के खिलाफ में मानहानि का दावा करेंगे।

इस वारदात से बीजेपी के सांसद और अध्यक्ष सभी लोग पंजाब सरकार के व्यवहार पर भड़के हुए है। इसे कांग्रेस सरकार की एक चाल भी बताया जा रहा है। वह नहीं चाहते थे कि मोदी जी यहां पर अपनी रैली करें। खैर अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि गलती आखिर किसकी है। पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इससे बहुत दुःख हुआ है और आघात भी पहुंचा है।

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