भूल से भी Navratri के 9 दिनों में इन फूलों से रहे दूर, जानिए कौन से फूल चढ़ाने से मिलेंगे पुण्य (know which flowers you will get virtue by offering)

क्या आपने माता की चौकी सजाई जाती है अगर हा तो आप ये भी जानना चाहते होंगे की माता रानी को कैसे प्रश्न किया जाएं। ऐसे में आज हम आपको ये बताएंगे की आपको वो 9 दिनों तक, 9 देवियों को कौन से फूल चढ़ाने चाहिए.....

भूल से भी Navratri के 9 दिनों में इन फूलों से रहे दूर, जानिए कौन से फूल चढ़ाने से मिलेंगे पुण्य (know which flowers you will get virtue by offering)

देवी माँ को ऐसे फूल कभी न चढ़ाएं (Never offer such flowers to Mother Goddess)

पूजा के दौरान भी फूलों का विशेष महत्व होता है। हर देवी - देवता को एक खास तरह का फूल पसंद होता है। इसलिए नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय भी आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि मां को कौन सा फूल सबसे ज्यादा पसंद है (favourite flower)। इसके अलावा कुछ फूल ऐसे भी होते हैं जो देवी मां को बिल्कुल भी पसंद नहीं होते हैं। ज्योतिष शास्त्र (astrology) के अनुसार अपवित्र स्थानों पर उगने वाले फूल, जिनकी पंखुड़ियां बिखरी हुई हैं, तेज गंध वाले फूल, सुगंधित फूल, जमीन पर गिरे हुए फूल- ऐसे फूल गलती से भी देवी मां को नहीं चढ़ाएं, वरना नाराज़ हो जाएंगी देवी। 

इन नौ फूलों को नौ दुर्गा को अर्पित करें (Offer these nine flowers to nine Durga)
1. नवरात्रि (Navratri) के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री (Shailputri) स्वरूप की पूजा की जाती है. इस दिन माता को गुड़हल का फूल (hibiscus flower) या सफेद कनेर (white kaner) का फूल दोनों को अर्पित किया जाता है।

2. मां का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी (Brahmacharini) का है और उन्हें गुलदाउदी (chrysanthemum) के फूल और बरगद के पेड़ (banyan trees) दोनों पसंद हैं। मां को ये फूल चढ़ाने से जीवन में सफलता मिलती है।

3. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा ( Maa Chandraghanta) की पूजा की जाती है और इस दिन आप मां दुर्गा को कमल का फूल (lotus flower) और शंखपुष्पी (Shankhpushpi) का फूल चढ़ा सकते हैं. ऐसा करने से घर में खुशियां आती हैं।

4. मां दुर्गा का चौथा रूप देवी कुष्मांडा (Maa Kushmanda) का है, जिन्हें चमेली के फूल (jasmine flowers) या पीले रंग का कोई भी फूल चढ़ाने से देवी मां प्रसन्न होती हैं और उन्हें अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद देती हैं।

5. नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता ( Maa Skandmata) की पूजा की जाती है और उन्हें पीले फूल (loves yellow flowers) भी प्रिय होते हैं और इन फूलों को चढ़ाने से मां प्रसन्न होती हैं.

6. माता का छठा रूप कात्यायनी (Maa Katyayani) का है, जिन्हें विशेष रूप से गेंदे के फूल और बेर के फूल (marigold flowers and plum flowers) पसंद हैं और इन फूलों को चढ़ाने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

7. नवरात्रि के सातवें दिन मां के कालरात्रि ( Maa Kalratri) स्वरूप की पूजा की जाती है। नीले रंग का कृष्ण कमल का फूल (Krishna lotus flower) माता को अधिक प्रिय होता है।

8. आठवें दिन मां के महागौरी ( Maa Mahagauri) स्वरूप की पूजा की जाती है। मोगरा का फूल देवी गौरी को विशेष रूप से प्रिय होता है और इस फूल को चढ़ाने से देवी मां प्रसन्न होती हैं।

9. देवी मां का नौवां रूप मां सिद्धिदात्री ( Maa Siddhidatri) का है, जो चंपा (Champa) और गुड़हल (Gudhal) दोनों फूलों को विशेष रूप से प्रिय हैं।

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